त्यूणी-प्लासू जल विद्युत परियोजना को अंतिम वन स्वीकृति, निर्माण का रास्ता साफ
— 72 मेगावाट क्षमता की परियोजना से सालाना 29.85 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान
देहरादून, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में जल विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की 72 मेगावाट क्षमता वाली त्यूणी-प्लासू जल विद्युत परियोजना को केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम वन स्वीकृति मिल गई है। इससे देहरादून जिले की त्यूणी तहसील में टौंस नदी पर प्रस्तावित परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
परियोजना के पूरा होने पर प्रतिवर्ष लगभग 298.51 मिलियन यूनिट यानी 29.85 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परियोजना को अंतिम वन स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जल विद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए इनका उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। परियोजना के निर्माण से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि अंतिम वन स्वीकृति मिलना परियोजना के लिए लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण सफलता है। इससे निर्माण संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। निगम सभी वैधानिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम और प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आरके सुधांशु का भी शासन स्तर पर समन्वय और सहयोग के लिए आभार जताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

