बागजाला में विकास कार्यों को लेकर किसानों का धरना
हल्द्वानी, 06 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी के बैनर तले ग्रामीणों ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कार्यालय के समक्ष सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने बागजाला गांव में विकास कार्यों पर वन विभाग की ओर से लगाए जा रहे अवरोधों को हटाने और विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति देने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि गांव में जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण, नहरों की मरम्मत और अन्य विकास योजनाएं बजट स्वीकृत होने के बावजूद वन विभाग की अनुमति के अभाव में लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 नवंबर 2025 को उप जिलाधिकारी की मध्यस्थता में हुए समझौते के बावजूद वन विभाग की ओर से स्वीकृति नहीं दी जा रही,जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
वरिष्ठ किसान नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि बागजाला के ग्रामीण अब भी पानी,सड़क और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। वहीं कमेटी की अध्यक्ष डॉ.उर्मिला रैस्वाल ने विकास योजनाओं को रोके जाने को जनविरोधी कदम बताया।
धरना समाप्ति के बाद डीएफओ के साथ आठ सूत्रीय मांगों को लेकर वार्ता हुई। इनमें जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं को स्वीकृति,सड़कों का निर्माण व मरम्मत,नहरों की मरम्मत, बिजली-पानी के नए कनेक्शन,स्ट्रीट,सोलर लाइट लगाने और पूर्व में जारी नोटिस वापस लेने जैसी मांगें शामिल हैं।
डीएफओ ने मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि किसान महासभा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। धरना-प्रदर्शन में संगठन पदाधिकारियों सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

