हेंवल नदी के पुनर्जीवन कार्यों को ‘मन की बात’ में स्थान मिलना पूरे वन विभाग के लिए गर्व का क्षण
- वन संरक्षक ने अधिकारियों,कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों को दिया श्रेय
देहरादून, 25 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हेंवल नदी के पुनर्जीवन के लिए किए गए प्रयासों का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उल्लेख किए जाने पर वन विभाग ने खुशी जताई है।
वन संरक्षक, भागीरथी वृत्त धर्म सिंह मीणा ने इसे पूरे विभाग, शासन और स्थानीय समुदाय के लिए गर्व और प्रसन्नता का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उन सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को जाता है, जिन्होंने अपने परिश्रम, समर्पण और सहयोग से नदी पुनर्जीवन के प्रयासों को आगे बढ़ाया।
धर्म सिंह मीणा ने कहा कि हेंवल नदी को पुनर्जीवित करने के कार्य में शासन से लेकर वन विभाग के अंतिम छोर पर तैनात कर्मचारियों तक सभी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी इस प्रयास में सहयोग देकर सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। सभी के समन्वित प्रयासों से यह पहल आगे बढ़ी और इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
उन्होंने कहा कि किसी भी पर्यावरण संरक्षण अभियान की सफलता के लिए विभागीय प्रयासों के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता जरूरी है। हेंवल नदी के पुनर्जीवन कार्यों का प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में उल्लेख होना इस दिशा में सामूहिक प्रयासों के महत्व को दर्शाता है।
वन संरक्षक ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन, क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत तथा स्थानीय समुदाय का सहयोग रहा है। विभाग के सभी सहयोगियों ने अपने स्तर पर जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों में किसी एक व्यक्ति की भूमिका से अधिक पूरी टीम की प्रतिबद्धता और सामूहिक कार्यशैली महत्वपूर्ण होती है।
धर्म सिंह मीणा ने इस उपलब्धि को साझा प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल एक बड़े अभियान की कड़ी और माध्यम हैं। वास्तविक उपलब्धि उन सभी लोगों की है, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस कार्य का उल्लेख होने से इससे जुड़े सभी लोगों का उत्साह बढ़ा है।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों को बधाई एवं धन्यवाद देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और जनहित के कार्यों में इसी तरह की टीम भावना बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हेंवल नदी के पुनर्जीवन जैसे सामूहिक प्रयास भविष्य में भी प्रकृति संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देंगे।
मीणा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के हित से जुड़ा विषय है। इसके लिए विभागीय समन्वय, स्थानीय लोगों का सहयोग और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों से इसी समर्पण के साथ प्रकृति, वन और जनहित में कार्य करते रहने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

