वीकेंड पर हरिद्वार में वाहनों का सैलाब, शहरभर में जाम से लोग बेहाल
हरिद्वार, 07 जून (हि.स.)। वीकेंड पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रविवार को सुबह से ही हरिद्वार के प्रमुख प्रवेश मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्ग, हर की पैड़ी क्षेत्र, रेलवे स्टेशन मार्ग, बस अड्डा क्षेत्र और शहर की आंतरिक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हालात ऐसे रहे कि सामान्य दिनों में कुछ मिनटों में तय होने वाला सफर लोगों को घंटों में पूरा करना पड़ा।
भीषण गर्मी के बीच जाम में फंसे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वाहनों की लंबी कतारों के कारण कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह रुक-रुक कर चलता रहा। जाम में फंसे यात्रियों में सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ी। तेज धूप, उमस और वाहनों से निकलने वाले धुएं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
हरिद्वार में गंगा स्नान, धार्मिक स्थलों के दर्शन और वीकेंड की छुट्टियां बिताने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। इसके चलते शहर के पार्किंग स्थल भी क्षमता से अधिक भर गए। पार्किंग की तलाश में भटकते वाहनों के कारण कई स्थानों पर यातायात दबाव और बढ़ गया।
जाम का असर केवल राष्ट्रीय राजमार्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के भीतर की अधिकांश सड़कों पर भी यही स्थिति बनी रही। हर की पैड़ी, भीमगोड़ा, चंडी चौक, सिंहद्वार, प्रेमनगर आश्रम मार्ग, ऋषिकुल क्षेत्र और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए।
यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान दिनभर सड़कों पर मशक्कत करते रहे। पुलिसकर्मियों ने विभिन्न चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को भी जाम के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि वीकेंड और अवकाश के दिनों में हरिद्वार में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके मद्देनजर ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।
शाम तक शहर के कई हिस्सों में यातायात का दबाव बना रहा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की अपील की है, ताकि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

