गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान आयोजित

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गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान आयोजित


हरिद्वार, 06 मई (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के दयानंद स्टेडियम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग की ओर से प्रशिक्षु अध्यापकों एवं खिलाड़ियों के लिए एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञ एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, मोहाली के प्रो. श्याम एस. शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवनशैली को कठोर नियमों में बांधने के बजाय संतुलित एवं मुक्त दिनचर्या अपनाना अधिक प्रभावी हो सकता है।

उन्होंने बताया कि खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते एनाबॉलिक स्टेरॉयड का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे प्रदर्शन में सुधार तो होता है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव भी गंभीर चिंता का विषय हैं। नियमित दिनचर्या और शारीरिक परिश्रम से इन दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

व्याख्यान के दौरान उन्होंने हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती लक्षण पहचानने की सरल बी-फ़ास्ट विधि के बारे में जानकारी दी, जिसमें शारीरिक संतुलन, दृष्टि में धुंधलापन, चेहरे की सक्रियता, हाथों का संतुलन, बोलने में रुकावट और समय पर कार्रवाई जैसे संकेत शामिल हैं।

उन्होंने छात्रों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा लीवर, लिपिड और किडनी प्रोफाइल के लिए सुरक्षित सीमाएं तय करने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी डॉ. अजय मलिक ने किया। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने कहा कि औषधियों के बढ़ते उपयोग से स्वास्थ्य में स्थिरता के बजाय अस्थिरता बढ़ना चिंताजनक है, जिसका समाधान आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देकर किया जा सकता है।

इस अवसर पर डॉ. कपिल मिश्रा, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. प्रणवीर सिंह, डॉ. सुनील कुमार सहित अन्य शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बी.पी.एड. व एम.पी.एड. के छात्र उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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