धामी के हरित विजन का असर, सूचना विभाग बना मॉडल

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धामी के हरित विजन का असर, सूचना विभाग बना मॉडल


देहरादून, 21 मई (हि.स.)।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। देहरादून स्थित उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने रिंग रोड, 6 नंबर पुलिया, रायपुर स्थित मुख्यालय में 70 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किया है।

इस पहल का सकारात्मक असर पहले ही महीने में दिखाई दिया है। अप्रैल 2026 में विभाग का बिजली बिल घटकर मात्र 1700 रह गया,जबकि पहले विभाग को कमर्शियल टैरिफ के तहत प्रतिमाह लगभग 1.20 लाख का बिजली बिल भुगतान करना पड़ता था।

यह सोलर पावर प्लांट उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अधिकरण (उरेडा) की ओर से विशेष व्यवस्था के तहत नि:शुल्क स्थापित किया गया है। उत्पादित बिजली को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से जोड़ा गया है,जिससे विभाग को निर्बाध एवं स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है।

महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग बंशीधर तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार सरकारी विभागों में सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री सौर स्वरोजगार योजना प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन 1000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर चुका है। सूचना विभाग में स्थापित 70 किलोवाट क्षमता का यह सोलर प्लांट इसी हरित अभियान का प्रभावी उदाहरण है।

तिवारी ने बताया कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आईएसबीटी परिसर में 100 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी परिसरों में भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सिटी फॉरेस्ट पार्क में पंप और स्ट्रीट लाइट्स का संचालन भी सोलर ऊर्जा से किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उत्पादन में सहभागी बनें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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