युवा संगम भारत की विविधता को समझने का अवसर: राज्यपाल
देहरादून, 30 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने कहा कि युवा संगम केवल यात्रा नहीं, बल्कि देश को जानने, समझने और उसकी सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करने का अवसर है। ऐसे कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।
राज्यपाल ने शुक्रवार को लोक भवन में ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल से आए विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ देश की सांस्कृतिक विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में जाकर वहां की भाषा, खान-पान, परंपराओं और संस्कृति को करीब से समझने से विद्यार्थियों को भारत की विविधता का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है। इससे राष्ट्रीय एकात्मता की भावना मजबूत होती है।
डॉ. बिसेन ने युवाओं से अच्छे संस्कार अपनाने, सकारात्मक सोच रखने और जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में ‘देश प्रथम’ का भाव होना चाहिए। सफलता के लिए अच्छे संस्कार, मजबूत चरित्र और सकारात्मक दृष्टिकोण जरूरी है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग किसानों, गांवों, पर्यावरण तथा समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं के समाधान में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए युवाओं का ज्ञानवान होने के साथ चरित्रवान, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ होना भी जरूरी है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कार्यक्रम के आयोजन में योगदान के लिए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के समन्वयकों, शिक्षकों, अधिकारियों और आयोजन दल को बधाई दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

