जीवन में सफलता के लिए संतुलन जरूरी, पर्यावरण भी महत्वपूर्ण कारक
हरिद्वार, 19 अगस्त (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग में नवीन सत्र के प्रशिक्षुओं के लिए ‘स्वास्थ्य शिक्षा एवं पर्यावरण चुनौतियां’ विषय पर युवा संवाद आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने कहा कि जीवन में गति और प्रगति द्विपक्षीय व्यवस्था पर आधारित है। सफलता के साथ विफलता, अच्छे के साथ बुरा, कम के साथ अधिकता तथा संतुलन के साथ असंतुलन जीवन के स्वाभाविक पक्ष हैं। सफल और विफल व्यक्ति के जीवन में संतुलन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि सफल व्यक्ति जीवन में संतुलन बनाकर कठिनाइयों और चुनौतियों को कम कर सकता है। इससे मानसिक शांति बनी रहती है, निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है, शरीर स्वस्थ रहता है और ऊर्जा का स्तर बना रहता है। काम, स्वास्थ्य, परिवार और आराम के बीच उचित संतुलन व्यक्ति को तनाव और बर्नआउट से बचाता है।
डॉ. चौहान ने कहा कि इसके विपरीत जीवन में असंतुलन तनाव बढ़ाता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्य से भटका सकता है। काम पर अत्यधिक ध्यान देने से मानसिक दबाव बढ़ता है, खान-पान और नींद प्रभावित होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं तथा अपनों को समय न देने से अकेलेपन का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सफलता और विफलता के बीच पर्यावरण को भी महत्वपूर्ण एवं प्रभावी कारक बताया। उनके अनुसार स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण के माध्यम से जीवन के लक्ष्यों को संतुलित एवं प्रभावी तरीके से प्राप्त किया जा सकता है। युवा संवाद में एमपीएड, बीपीएड और बीपीईएस के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

