जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहीं वनाग्नि की घटनाएं : सुबोध उनियाल
-वनाग्नि रोकथाम के लिए 13 जिलों में नोडल अधिकारी तैनात
-फायर वाचकों को 10 लाख बीमा, संवेदनशील क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों का सहयोग
देहरादून, 25 मई (हि.स.)। उत्तराखंड में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जलवायु परिवर्तन को बड़ी वैश्विक चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि तापमान में लगातार वृद्धि, जल स्तर में गिरावट और जमीन में नमी (मॉइस्चर लेवल) कम होना गंभीर चिंता का विषय है, जिसके कारण जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत के दौरान बताया कि वनाग्नि नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने सभी जनपदों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की है, ताकि उनके अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सके। उन्होंने बताया कि फायर वाचकों को 10 लाख रुपये तक की बीमा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही वनकर्मियों को बेहतर उपकरण उपलब्ध कराकर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 622 ऐसे संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां वनाग्नि की घटनाएं अधिक होती हैं। इन क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों का सहयोग भी लिया जा रहा है।
सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में जनसहयोग, प्रशासन और वन विभाग के समन्वित प्रयासों से वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बेहतर कार्य करने वाले वनकर्मियों को सम्मानित करने की व्यवस्था भी बनाई गई है, जिससे कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने वानाग्नि घटनाओं के रोकथाम के लिए आमजनों से सहयोग की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

