कमियां दूर होने तक दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया को बंद रखने के निर्देश
-खाद्य सुरक्षा मानकों में मिलीं खामियां, जांच के लिए 10 नमूने लिए गए
देहरादून, 14 अक्टूबर (हि.स.)। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने देहरादून के गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज और विकासनगर स्थित देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया के खिलाफ कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, पानी की जांच रिपोर्ट और खाद्य लाइसेंस समेत जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा साफ-सफाई और कीट नियंत्रण से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। विभाग ने संबंधित मेस-कैफेटेरिया को कमियां दूर होने तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए कुल 10 खाद्य नमूने लेकर राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर विभाग की टीमों ने देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों के भोजनालयों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों के अनुरूप खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीम ने गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज के बॉयज मेस, गर्ल्स मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। गर्ल्स हॉस्टल के मेस के स्टोररूम में जंग लगी अलमारियां मिलीं, जबकि परिसर में जीवित कॉकरोच पाए गए। खिड़कियों और रसोई के दरवाजों पर जाली नहीं होने से मक्खियों और अन्य कीटों के प्रवेश की आशंका भी सामने आई। मेस संचालक के पास मौके पर वैध खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं था।
टीम ने मेस से खुली हल्दी, दही और तैयार छोले के नमूने लिए। कैफेटेरिया की रसोई में भी कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच संबंधी रिपोर्ट नहीं मिली। यहां से तैयार दाल और डिलिशियस फैट स्प्रेड के नमूने जांच के लिए लिए गए।
विकासनगर क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी के नेतृत्व में टीम ने देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का निरीक्षण किया। यहां भी खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिलीं। टीम ने दाल मखनी मसाला, राजमा मसाला, तैयार अरहर दाल और पालक-आलू की सब्जी के नमूने लिए। इसके अलावा नंदा की चौकी स्थित एक प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना भी एकत्र किया गया।
विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 10 खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफडीए ने संबंधित संस्थानों को निर्धारित समयसीमा में निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होने तक संबंधित मेस और कैफेटेरिया बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य भोजनालयों में भोजन की स्वच्छता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है। जनस्वास्थ्य से जुड़े इस विषय में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को औचक निरीक्षण जारी रखने और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

