बीआर मॉडर्न स्कूल की मान्यता की आड़ में चल रही थी दूसरी एकेडमी

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बीआर मॉडर्न स्कूल की मान्यता की आड़ में चल रही थी दूसरी एकेडमी


पौड़ी गढ़वाल, 07 सितंबर (हि.स.)।

आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों के सत्यापन अभियान में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अनियमितता सामने आई है। बीआर मॉडर्न स्कूल की मान्यता की आड़ में करीब एक किलोमीटर दूर महेश सरला चिल्ड्रन्स एकेडमी का संचालन होता मिला। खास बात यह है कि बीआर मॉडर्न स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेशित पांच बच्चे अभिलेखों में दर्ज होने के बावजूद दूसरे संस्थान में पढ़ते पाए गए।

जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) के निर्देशन में हुए स्थलीय सत्यापन में सामने आया कि बीआर मॉडर्न स्कूल को वर्ष 2024 से 2029 तक नर्सरी से कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यहां आरटीई के तहत पांच बच्चों का प्रवेश दर्ज है। जांच के दौरान ये सभी बच्चे बीआर मॉडर्न स्कूल के बजाय महेश सरला चिल्ड्रन्स एकेडमी में अध्ययनरत मिले। यहां बड़ी संख्या में अन्य बच्चे भी पढ़ते पाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि बच्चों से शुल्क महेश सरला चिल्ड्रन्स एकेडमी के नाम से लिया जा रहा था, जबकि इस नाम से अलग मान्यता का कोई अभिलेख नहीं मिला। एकेडमी यू-डायस पोर्टल पर भी पंजीकृत नहीं पाई गई। इससे प्रथम दृष्टया बीआर मॉडर्न स्कूल की मान्यता का इस्तेमाल दूसरे संस्थान के संचालन में किए जाने की स्थिति सामने आई है।

निरीक्षण के दौरान एकेडमी में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के साथ कुछ कक्षाएं गैलरी और बरामदों में संचालित मिलीं। भवन में छात्र सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी कमियां भी पाई गईं। वहीं बीआर मॉडर्न स्कूल में एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की अपेक्षाकृत महंगी पुस्तकें संचालित किए जाने की स्थिति भी सामने आई। छात्र पंजिका में कक्षा एक में ऐसे कुछ बच्चों का विवरण मिला, जिन्होंने निर्धारित आयु सीमा पूरी नहीं की थी।

जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट ने बताया कि सत्यापन में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित विद्यालय से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

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