बैंकिंग योजनाओं की जानकारी से आर्थिक मजबूत होंगे स्वयं सहायता समूह

WhatsApp Channel Join Now

पौड़ी गढ़वाल, 09 अगस्त (हि.स.)। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अब बैंकिंग और वित्तीय योजनाओं की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कोट विकासखंड में आयोजित वित्तीय समावेशन कार्यशाला में महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बीमा, ऋण प्रबंधन, लखपति दीदी योजना और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अमित बिजल्वाण ने की। कार्यशाला में ग्रामीण वित्त समन्वयक धनंजय प्रसाद भट्ट ने स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।

उन्होंने सक्षम केंद्र, लखपति दीदी योजना, बैंकिंग सेवाओं, स्वयं सहायता समूहों की बैंक से संबद्धता, ऋण प्रबंधन और वित्तीय साक्षरता के बारे में बताया। साथ ही बैंकिंग संवाददाता सखी की भूमिका, सामुदायिक बैंकिंग, गैर-निष्पादित परिसंपत्ति, ऋण प्रबंधन बैठक, आईईएलए और भुली योजना समेत अन्य विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।

एलआईसी प्रतिनिधि ने बीमा सखी की भूमिका और विभिन्न बीमा योजनाओं की जानकारी दी। महिलाओं को ऑनलाइन एवं अन्य प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने और सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाने के उपाय भी बताए गए।

कार्यशाला में तीन सामुदायिक स्तर के संघों (सीएलएफ) से जुड़े 30 स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। एनआरएलएम और रीप परियोजना के कार्मिकों ने भी कार्यशाला में सहभागिता की।

कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की बेहतर समझ देना तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए उन्हें जागरूक करना रहा। इस दौरान सीएलएफ पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, सीएफएल, बैंक और एलआईसी प्रतिनिधियों समेत एनआरएलएम एवं ग्रामोत्थान परियोजना के कार्मिक मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

Share this story