परिवार संस्कारों की पहली पाठशाला, यहीं से मजबूत होता राष्ट्रभाव: राकेश
-चाणक्य शाखा ने मनाया परिवार मिलन समारोह, पन्नाधाय की लघु नाटिका ने किया भावविभोर
हरिद्वार, 28 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हरिद्वार के विभाग प्रचारक राकेश ने कहा कि परिवार संस्कारों की पहली पाठशाला है और यहीं से बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, संस्कृति और राष्ट्रभाव की नींव पड़ती है। संस्कारवान परिवारों के निर्माण से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
आर्यनगर स्थित चाणक्य शाखा की ओर से आयोजित परिवार मिलन समारोह को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए उन्होंने कुटुंब प्रबोधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परिवारों के माध्यम से सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति,परंपराओं और मूल्यों को परिवार के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
राकेश ने कहा कि परिवार में आपसी संवाद और सामूहिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और सामाजिक दायित्वों से जुड़ती है। उन्होंने परिवारों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
परिवार मिलन समारोह में मुख्य अतिथि समाजसेवी सतीश त्यागी ने परिवारों को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों में आपसी संवाद और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है।
जिला संघचालक डॉ. यतीन्द्र नाग्यान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार ही संस्कार और संस्कृति की पहली पाठशाला है। संस्कारवान परिवारों के निर्माण से ही संस्कारवान और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने परिवार में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।
आर्यनगर स्थित चाणक्य शाखा के परिवार मिलन समारोह में स्वयंसेवकों की सामूहिक वाद्ययंत्र प्रस्तुति, देशभक्ति गीतों और पन्नाधाय के त्याग पर आधारित लघु नाटिका ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। पन्नाधाय द्वारा अपने पुत्र चंदन के बलिदान पर आधारित प्रस्तुति के दौरान माहौल भावुक हो गया।
पूर्व जिला संघचालक रोहिताश्व कुंवर चौहान ने वाचन प्रस्तुति के माध्यम से पन्नाधाय के त्याग और समर्पण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं रेणु ने पन्नाधाय की भूमिका निभाते हुए अपने अभिनय से दर्शकों को भावनाओं से जोड़ दिया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने ‘निज गौरव को, निज वैभव को, क्यों हिंदू वीर भूल गए’ गीत की सामूहिक प्रस्तुति दी। वाद्ययंत्रों और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
नगर संघचालक अधिवक्ता ज्ञानेश्वर ठकराल,जिला व्यवस्था प्रमुख मुनेश चौहान,नगर प्रचारक तनुज, उमेश मिश्रा,डॉ.अनुराग,नगर कार्यवाह अमरेश,राजेंद्र रुहेला, ब्रह्मपाल,देवी प्रसाद,धनवीर, वेदपाल, सतीश गौला, सतीश चौहान, सतीश गुप्ता, आलोक,डॉ. अश्वनी, कुंवरपाल, अधिवक्ता कुशलपाल, हरदम सिंह, दीपक, मनोज, कार्तिक, प्रमोद, ब्रजकिशोर, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। मंच संचालन रोहिताश्व कुंवर चौहान और अमरेश ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

