फर्जी राशन कार्ड और आयुष्मान योजना की होगी गहन जांच, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री धामी

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फर्जी राशन कार्ड और आयुष्मान योजना की होगी गहन जांच, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री धामी


फर्जी राशन कार्ड और आयुष्मान योजना की होगी गहन जांच, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री धामी


देहरादून, 25 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड में फर्जी राशन कार्ड,आधार और आयुष्मान कार्ड के दुरूपयोगी की शिकायत को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। वे संबंधित अधिकारियों को राज्य के सभी जिलों में राशन कार्डों के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश भी जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रमुख सचिव एल.फैनई ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर राशन कार्डों के गहन सत्यापन के आदेश दिए हैं।

शिकायतों में यह आशंका जताई गई है कि कुछ लोगों की ओर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड बनवाकर आयुष्मान भारत योजना का लाभ लिया जा रहा है। इसके अलावा गैस कनेक्शन सब्सिडी और अन्य सरकारी लाभ योजनाओं के दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं।

राज्य में पहले भी इस तरह का सत्यापन अभियान चलाया गया था,जिसमें करीब 70 हजार यूनिट्स को संदिग्ध पाया गया था। हालांकि,बाद में यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई थी। अब एक बार फिर से इस अभियान को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि राज्य में वर्तमान में करीब 9,050 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें संचालित हैं, जिनके माध्यम से 23,40,864 राशन कार्डों पर लगभग 94.95 लाख लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत बाहरी राज्यों के हजारों परिवार भी राज्य में राशन का लाभ ले रहे हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार,विभिन्न राज्यों विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार और असम से जुड़े लगभग 20,315 परिवार उत्तराखंड में राशन कार्ड के माध्यम से लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि कई मामलों में राशन कार्ड, आधार और आयुष्मान कार्ड के बीच लिंकिंग में गड़बड़ियों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इन सभी दस्तावेजों की आपसी जांच कर आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाने की तैयारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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