(संशोधित) उत्तराखंड में 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित, 12 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन पूरा
देहरादून, 17 जून (हि.स.)। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 12 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत तथा टिहरी में 97 प्रतिशत फार्मों का वितरण पूरा किया जा चुका है।
डिजिटाइजेशन के मामले में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत के साथ अग्रणी जिलों में शामिल हैं। जबकि नैनीताल में चार प्रतिशत, देहरादून में सात प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में लगभग आठ प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन हुआ है।
जोगदंडे ने बताया कि सभी जनपदों को अभियान समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 22,900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात किए जा चुके हैं। इस संबंध में 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ बैठक भी आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सात जुलाई तक गणना फार्मों के वितरण और संकलन का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन होगा तथा 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर के बीच उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से स्वयं भी अपना गणना फार्म ऑनलाइन भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा के जरिए मतदाता एक क्लिक पर अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। कॉल बुक होने के दो दिन के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करेगा।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें विधानसभा क्षेत्र, मतदाता के नाम, पिता या पति के नाम और क्षेत्रवार खोज के माध्यम से बूथ और मतदाता क्रमांक की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

