कनखल में आबादी में घुसे जंगली हाथी, देर रात मची अफरा-तफरी

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कनखल में आबादी में घुसे जंगली हाथी, देर रात मची अफरा-तफरी


हरिद्वार, 04 अप्रैल (हि.स.)। हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में जंगली हाथियों का झुंड एक बार फिर आबादी में घुस आया, जिससे देर रात इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि हाथियों का यह झुंड बिजली घर के पास गंगा पर बने पुल के आसपास देखा गया, जहां उन्होंने तारबाड़ तोड़कर रिहायशी क्षेत्र में प्रवेश किया। काफी देर तक हाथियों की चहलकदमी जारी रही, जिससे स्थानीय लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह क्षेत्र पहले से ही वन्यजीवों की आवाजाही के लिए संवेदनशील रहा है, लेकिन इस तरह बाधाएं तोड़कर हाथियों का आबादी में प्रवेश करना चिंता का विषय है।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयासों के बाद हाथियों को जंगल की ओर वापस खदेड़ा गया। साथ ही क्षेत्र में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को भी तैनात किया गया है, जो हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।

वन विभाग के रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हाथी रोधी दीवार निर्माण की योजना पर कार्य किया जाएगा।

गौरतलब है कि हरिद्वार का बड़ा हिस्सा जंगलों से घिरा हुआ है, जहां एक ओर राजाजी टाइगर रिजर्व स्थित है। हाथी कॉरिडोर होने के कारण यहां हाथियों की आवाजाही सामान्य है, लेकिन बढ़ती आबादी और घटते वन क्षेत्र के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मिस्सरपुर और जगजीतपुर शामिल हैं, जहां हाथियों द्वारा फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। वन विभाग ने बैरागी कैंप से अजीतपुर गांव तक लगभग 8 किलोमीटर लंबी हाथी रोधी दीवार और सोलर फेंसिंग लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिसकी स्वीकृति अभी लंबित है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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