एसआईआर में मतदाता सूची के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे मंडलायुक्त
देहरादून, 01 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची के पर्यवेक्षण का कार्य मंडलायुक्त करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के मंडलायुक्तों (रोल ऑब्जर्वर) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अभियान की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों मंडलायुक्तों को अपने-अपने मंडलों के जनपदों का फील्ड भ्रमण कर उन मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जहां 'अन कलेक्टेबल' श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की संख्या अधिक है। उन्होंने मंडलायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) से सत्यापित एसएसडी सूची की भी समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी) श्रेणी के मतदाताओं के गणना प्रपत्रों पर आवश्यक टिप्पणी अंकित करें तथा प्रत्येक टिप्पणी पर बीएलओ के साथ बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों के हस्ताक्षर भी सुनिश्चित किए जाएं।
डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी और ईआरओ विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ लगभग 800 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की भी तैनाती की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि नोटिस अवधि के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर तथा मैदानी क्षेत्रों में तहसीलों के अलावा नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का रोस्टर तैयार किया जाए।
बैठक में कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी तथा सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

