आईआईटी रुड़की और यूएसएसी के बीच एमओयू, अंतरिक्ष व भू-स्थानिक शोध को मिलेगा बढ़ावा
रुड़की, 20 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और उत्तराखंड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के बीच सोमवार को अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य शैक्षणिक, वैज्ञानिक और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से उत्तराखंड से जुड़े अंतरिक्ष और भू-स्थानिक अनुप्रयोगों में।
एमओयू पर हस्ताक्षर प्रो. कमल किशोर पंत और प्रो. दुर्गेश पंत द्वारा आईआईटी रुड़की परिसर में किए गए। इस अवसर पर प्रो. संजय एच. उपाध्याय और डॉ. प्रियदर्शी उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान तीन प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त पहल करेंगे, जिनमें शैक्षणिक एवं शोध सहयोग, एम.टेक. और पीएचडी छात्रों का संयुक्त मार्गदर्शन तथा संगोष्ठियों, सम्मेलनों और कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है।
शोध सहयोग के अंतर्गत अंतरिक्ष अनुप्रयोग, भू-स्थानिक तकनीक, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त परियोजनाएं संचालित की जाएंगी।
इसके अलावा, आईआईटी रुड़की के छात्रों को यूएसएसी में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और शोध कार्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। हैकाथॉन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से छात्रों और शोधकर्ताओं की क्षमता विकास पर भी जोर दिया जाएगा। एमओयू में स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों के संयुक्त मार्गदर्शन का प्रावधान भी शामिल है, जिससे उन्हें दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।
इस अवसर पर प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह साझेदारी अत्याधुनिक शोध को गति देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, प्रो. दुर्गेश पंत ने विश्वास जताया कि इस सहयोग से उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आपदा शमन के क्षेत्र में प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकेंगे।
कार्यक्रम में प्रो. अमित अग्रवाल, डॉ. सुषमा गैरोला और डॉ. नीलम रावत भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

