शोध एवं नवाचार पर मिलकर काम करेंगे राजकीय और निजी विश्वविद्यालय

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शोध एवं नवाचार पर मिलकर काम करेंगे राजकीय और निजी विश्वविद्यालय


देहरादून, 18 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के राजकीय और निजी विश्वविद्यालय शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे। यह निर्णय शनिवार को विधानसभा स्थित सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में निजी विश्वविद्यालयों की बैठक में लिया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि निजी विश्वविद्यालय खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी करेंगे, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

डॉ. रावत ने निर्देश दिए कि सभी विश्वविद्यालय 'विकसित भारत-2047' की थीम पर विभिन्न विषयों का चयन कर दो-दो राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित करें। इनमें विद्यार्थियों के साथ विषय विशेषज्ञों, पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय एवं राज्य मंत्रियों, सांसदों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विश्वविद्यालय अपने आसपास के पांच गांवों को गोद लेकर उन्हें आदर्श गांव के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगा। इसके अलावा एक आंगनबाड़ी केंद्र अथवा राजकीय प्राथमिक विद्यालय को गोद लेकर वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय नशा मुक्ति, स्वच्छता और जनजागरूकता अभियानों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि एनईपी-2020 के अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय संस्कृति, भाषा और धरोहर को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निजी विश्वविद्यालयों की समस्याओं और सुझावों के त्वरित समाधान के लिए शासन स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी समस्याएं सीधे ऑनलाइन दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी।

बैठक में उच्च शिक्षा सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल सहित उत्तरांचल, क्वांटम, हरिद्वार, ग्राफिक एरा, पतंजलि, श्रीगुरु राम राय, स्वामी राम हिमालयन, यूपीईएस, आईएमएस, डीआईटी समेत दो दर्जन से अधिक निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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