उत्तराखंड में अगले पांच दिन भारी बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट, 81 सड़कें बंद

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उत्तराखंड में अगले पांच दिन भारी बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट, 81 सड़कें बंद


देहरादून, 03 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने 3 से 7 अगस्त तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा के दौर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

देहरादून सहित उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में सोमवार सुबह से रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी है। लगातार बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ ठंडक भी बढ़ गई है। आसमान घने बादलों से पूरी तरह ढका हुआ है और कई क्षेत्रों में धुंध व कोहरा भी छाया हुआ है। पर्वतीय जिलों में बीच-बीच में तेज बारिश के दौर पड़ रहे हैं, जबकि मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसारसोमवार को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अति तीव्र वर्षा के दौर पड़ने की भी आशंका व्यक्त की गई है।

4 अगस्त को देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर, 5 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर, 6 अगस्त को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पौड़ी तथा 7 अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

लगातार बारिश के चलते राज्य में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार सोमवार सुबह तक ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पिथौरागढ़ जिले में मिलम बॉर्डर मार्ग के किलोमीटर 1.2 पर मलबा आने के कारण यातायात बाधित है। प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 81 सड़कें अवरुद्ध हैं। इनमें दो सीमा सड़कें, तीन एमडीआर, एक पुल मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग, 17 लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा 56 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की सड़कें शामिल हैं। सर्वाधिक सड़कें चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में बंद हैं। बंद मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

इस बीच लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जनपद में अलकनंदा नदी का जलस्तर सोमवार सुबह चेतावनी स्तर तक पहुंच गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) के अनुसार सुबह सात बजे अलकनंदा का जलस्तर 626.00 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर के बराबर है। एहतियात के तौर पर लोगों से नदी तटों से दूर रहने की अपील की गई है। नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार जनजागरूकता संबंधी उद्घोषणाएं कराई जा रही हैं।

डीईओसी के अनुसार मंदाकिनी नदी का जलस्तर 624.70 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से नीचे है। गंगानगर और गौरीकुंड क्षेत्र में भी नदियों का जलस्तर फिलहाल सामान्य सीमा में बना हुआ है। जनपद में पिछले 24 घंटों के दौरान रुद्रप्रयाग में 4.00 मिमी, ऊखीमठ में 12.50 मिमी तथा जखोली में 25.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रुद्रप्रयाग जनपद में एक राज्य राजमार्ग (एसएच-37) और लोक निर्माण विभाग की चार सड़कों सहित कुल 11 सड़कें बंद हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु बना हुआ है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क अवरोध, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है। चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को नदी जलस्तर, मौसम और सड़क मार्गों की लगातार निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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