दून हत्याकांड की जांच तेज, एसपी मुख्यालय ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
देहरादून, 05 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के देहरादून जनपद के कोतवाली नगर क्षेत्र में युवती की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय विशाखा अशोक भदाणे (आईपीएस) ने गुरुवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रकरण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसपी मुख्यालय ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका पक्ष गंभीरतापूर्वक सुना और आवश्यक बयान दर्ज किए। इस अवसर पर उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्यपरक जांच का भरोसा दिलाया। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक मुख्यालय ने कोतवाली नगर एवं पुलिस चौकी खुड़बुड़ा पहुंचकर प्रकरण से संबंधित अभिलेखों, प्राप्त सूचनाओं और पुलिस रिस्पॉन्स से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि घटना के समय पुलिस की कार्रवाई, सूचना तंत्र और रिस्पॉन्स सहित सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
इधर, पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने कहा कि यह संवेदनशील मामला पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकता में है और इसकी जांच की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
फास्ट ट्रैक में केस ट्रायल के लिए पुलिस करेगी पैरवी:देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि युवती की नृशंस हत्या के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने अल्प समय में अभियुक्त के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसआईटी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीद बयानों और घटना स्थल से प्राप्त भौतिक,फॉरेंसिक साक्ष्यों को ई-साक्ष्य के माध्यम से विवेचना में शामिल करते हुए मात्र 03 दिनों में लगातार विवचनात्मक कार्रवाई पूरी की। चार्जशीट में कुल 35 गवाहों को सम्मिलित किया गया है। घटना में प्रयुक्त चापड, घटना के समय अभियुक्त द्वारा पहने गये कपड़ो, जूतों तथा हेलमेट को, जिसमे मृतका का खून लगा था व मृतका के कपड़ो को परिक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया।
उन्हाेंने कहा कि नृशंस हत्याकांड को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में रखते हुए अदालत में जिरह कर अभियुक्त के खिलाफ कठोरतम सजा के लिए पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया को त्वरित बनाने के लिए यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल के लिए भेजा जाएगा और देहरादून पुलिस इसकी पैरवी करेगी।
एसएसपी ने बताया कि एसआईटी ने घटना की जांच में सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया और साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की गई,ताकि पीड़ित परिवार को न्याय समय पर मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

