डीएम ने राजस्व वसूली में लापरवाही पर दी कार्रवाई की चेतावनी
पौड़ी गढ़वाल, 18 मार्च (हि.स.)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में जनपद के राजस्व संवर्धन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी। डीएम ने राजस्व वसूली पर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने तथा लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से पुराने लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया। साथ ही तहसीलदारों को वादों के शीघ्र निस्तारण तथा उपजिलाधिकारियों को तहसीलदार न्यायालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अतिरिक्त प्रभार वाले उपजिलाधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन संबंधित तहसील में बैठकर जनसमस्याओं का समाधान करें। उन्होंने स्थायी निवास, जाति एवं ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों का रेंडम सत्यापन कर त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बताया कि दैवीय आपदा के क्षतिग्रस्त जनपद की 63 राजस्व उप निरीक्षक चौकियों की मरम्मत हेतु 3.25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है। इसके अलावा जिला कार्यालय से परिषद को राजस्व उप निरीक्षक चौकियों के प्रेषित आंगणनों के सापेक्ष तहसील रिखणीखाल की 14 एव तहसील लैन्सडौन की 2 चौकियों के मरम्मत हेतु धनराशि स्वीकृत हुई है। डीएम ने 30 अप्रैल तक सभी निर्धारित निर्माण कार्य पूर्ण करने को कहा।
जिलाधिकारी ने बताया कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 402 राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद गढ़वाल के 41 राजस्व न्यायालयों के लिए प्रति न्यायालय एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर एवं एक यूपीएस की व्यवस्था हेतु की धनराशि स्वीकृत की गयी है। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 41 कंप्यूटर क्रय कर जनपद की सभी तहसीलों को वितरित कर दिए गए हैं, जिससे राजस्व न्यायालयों के कार्यों में दक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट अथवा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य की आवश्यकता है, तो संबंधित अधिकारी उसे स्पष्ट रूप से चिन्हित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करते हुए प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यकतानुसार ऐसे प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल कर विकास कार्यों को गति दी जा सके। डीएम ने फॉर्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत तहसीलदारों एवं पटवारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का सत्यापन 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संज्ञान में आया कि शासकीय अधिवक्ता सभी तहसीलों में नहीं पहुंच लाते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलों में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं के लिए कार्य-दिवसवार एवं स्पष्ट रोस्टर तैयार किया जाय। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, चतर सिंह चौहान, संदीप कुमार, शालिनी मौर्य, श्रेष्ठ गुनसोला, कृष्णा त्रिपाठी, उप निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, आबकारी अधिकारी तपन पांडेय, पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, खनन अधिकारी अंकित मुयाल, आरटीओ द्वारिका प्रसाद, उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

