डीएम ने विकास भवन में किया निरीक्षण, फाइले लंबित नही रखने के दिए निर्देश
पौड़ी गढ़वाल, 18 सितंबर (हि.स.)।विकास भवन के कार्यालयों में शुक्रवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने व्यवस्थाओं की पड़ताल की। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव से लेकर लंबित प्रकरणों, बीजकों और जनशिकायतों की स्थिति देखी। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फाइलें लंबित न रहें और आमजन को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
निरीक्षण में डीएम ने विभिन्न विभागों की पत्रावलियां, पंजिकाएं और टूर पंजिकाएं देखीं। उन्होंने रिकॉर्ड को अद्यतन और व्यवस्थित रखने के साथ लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा। ग्रामीण निर्माण विभाग में लंबित बीजकों की जानकारी लेते हुए उन्होंने नियमानुसार शीघ्र निस्तारण और लंबित कार्यों की माप पुस्तिकाएं प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पंचायतीराज विभाग में ग्राम पंचायतों से मिलने वाली शिकायतों के लिए अलग शिकायत पंजिका बनाने के निर्देश दिए गए। इसमें शिकायत प्राप्त होने की तिथि, विषय और निस्तारण की स्थिति दर्ज करने को कहा गया, जिससे किसी शिकायत की स्थिति छिपी न रहे और उसकी निगरानी हो सके।
समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ देने के निर्देश दिए। जिला विकास अधिकारी कार्यालय में एमपीलैड, विधायक निधि और वीबी जीरामजी कार्यक्रम के कार्यों की प्रगति देखी गई। विधायक निधि की दूसरी किश्त से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया।
डीएम ने विकास भवन की स्वच्छता व्यवस्था भी परखी। शौचालयों की नियमित सफाई, गलियारों और कार्यालय कक्षों के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। वेटिंग रूम में रखे टूटे और अनुपयोगी फर्नीचर को हटाने व गलियारों में आवश्यक रंग-रोगन और मरम्मत कराने को कहा। सभी कार्मिकों के कार्यस्थलों पर नाम पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए गए।
स्वजल विभाग में कूड़ा संग्रहण केंद्रों के प्रभावी उपयोग, मत्स्य विभाग में योजनाओं और अमृत सरोवरों की स्थिति तथा ग्रामोत्थान विभाग में मैदानी गतिविधियों के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई। परिवीक्षा विभाग और उरेडा में भी कार्यों की प्रगति जानी गई। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यालय आए लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। डीएम ने कहा कि कार्यालयी सुधार केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। स्वच्छता, रिकॉर्ड व्यवस्था, लंबित मामलों का निस्तारण और आमजन की सुविधा को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय समेत संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

