चम्पावत: जिलाधिकारी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, साइबर सेल कर रही जांच

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चम्पावत: जिलाधिकारी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, साइबर सेल कर रही जांच


चम्पावत: जिलाधिकारी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, साइबर सेल कर रही जांच


चंपावत, 05 फ़रवरी (हि.स.)।

चम्पावत जिले में साइबर अपराधियों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार की तस्वीर का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इस अकाउंट से जिले के अधिकारियों को अंग्रेज़ी में संदेश भेजकर संपर्क साधने की कोशिश की गई, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

बुधवार को वियतनाम के +84 नंबर से कई अधिकारियों को व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुए। जब प्रोफाइल की जांच की गई तो उसमें जिलाधिकारी मनीष कुमार की तस्वीर लगी हुई थी। विदेशी नंबर होने के कारण अधिकारियों को तुरंत संदेह हुआ।

वन विभाग के एसडीओ सुनील कुमार को भी इसी नंबर से ‘हैलो’ का संदेश मिला। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना जिला सूचना अधिकारी (डीआईओ) धीरज कार्की को दी। इसके बाद संबंधित नंबर को ब्लॉक कर मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तुरंत लोगों से अपील की कि इस तरह के किसी भी संदेश को नजरअंदाज करें। उन्होंने फर्जी अकाउंट का स्क्रीनशॉट अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा कर सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

पुलिस के अनुसार, मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है और जांच जारी है।

गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2024 में भी तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत पांडेय के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर अधिकारियों से पैसे मांगने का मामला सामने आया था। वहीं, कुछ वर्ष पूर्व पूर्व सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के नाम से भी इसी तरह की ठगी की कोशिश हो चुकी है, जिसमें कुछ लोग ठगों के झांसे में आकर रकम भेज चुके थे।

प्रशासन ने आम जनता और अधिकारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को इसकी सूचना दें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

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