आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ने सुनी समस्याएं
देहरादून, 09 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में राज्य के सभी 13 जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों (डीडीएमओ) के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ व व्यावहारिक बनाने को लेकर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने सभी जनपदों से उपस्थित डीडीएमओ की समस्याओं, चुनौतियों एवं फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि डीडीएमओ सभी बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपदा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत किया जा सके।
विनय रूहेला ने डीडीएमओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डीडीएमओ आपदा प्रबंधन व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में डीडीएमओ फ्रंटफुट पर आकर न केवल समन्वय स्थापित करते हैं, बल्कि प्रशासन, लाइन विभागों व स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व भी करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सक्रियता, त्वरित निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल ही आपदा के प्रभाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में आपदा पूर्व तैयारी, संसाधनों की उपलब्धता, मानवीय संसाधनों का प्रशिक्षण, संचार व्यवस्था तथा अंतर-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। इसके साथ ही, आपदा के दौरान सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने, त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने तथा फील्ड स्तर पर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपस्थित सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग विनोद कुमार सुमन ने डीडीएमओ को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर विभाग उचित कार्यवाही की करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और फील्ड स्तर के अधिकारियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
बैठक में डीआईजी राजकुमार नेगी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन), अभिषेक कुमार आनन्द, वित्त नियंत्रक, ओबैदुल्लाह अंसारी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित यूएसडीएमए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

