विश्व के सबसे बड़े 5,210 किलो पारदेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा
हरिद्वार, 17 जून (हि.स.)। धर्मनगरी हरिद्वार के बहादराबाद स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में बुधवार को विश्व के सबसे बड़े 5210 किलोग्राम वजनी पारदेश्वर शिवलिंग की भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और शिव आराधना के बीच आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में देशभर से आए संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया व विश्व शांति, राष्ट्र समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।
संत समागम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने कहा कि भगवान शिव संपूर्ण सृष्टि के कल्याण के प्रतीक हैं और पारदेश्वर महादेव की स्थापना मानवता के आध्यात्मिक उत्थान तथा सनातन धर्म के संरक्षण का दिव्य अभियान है।
स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पारद शिवलिंग की उपासना कलियुग में शीघ्र फलदायी मानी गई है और यह रोग, शोक तथा दरिद्रता का नाश करने वाला है।
कार्यक्रम में साध्वी ऋतम्भरा ने नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार रखे, जबकि सुधांशु महाराज ने कहा कि हरिद्वार के प्रवेश द्वार पर स्थापित यह पारदेश्वर शिवलिंग विश्व कल्याण का प्रतीक बनेगा।
श्री साई शिव गंगा धाम के मैनेजिंग ट्रस्टी राजीव बंसल ने बताया कि शास्त्रों में पारद शिवलिंग को अत्यंत चमत्कारिक और कल्याणकारी माना गया है। विश्व के सबसे बड़े पारदेश्वर महादेव की स्थापना मानव कल्याण, विश्व शान्ति, सनातन के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से की गई है।
समारोह में प्रदीप बत्रा, राघव चड्ढा, उद्योगपति राजेन्द्र अग्रवाल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने पारदेश्वर महादेव का अभिषेक एवं पूजन कर विश्व शांति, राष्ट्र समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

