उत्तराखंड के दो लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक आधुनिक तकनीक से होंगे सशक्त, ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बनाने की तैयारी

WhatsApp Channel Join Now
उत्तराखंड के दो लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक आधुनिक तकनीक से होंगे सशक्त, ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बनाने की तैयारी


देहरादून, 07 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में छोटे और सीमांत डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार विशेष कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत प्रदेश के दो लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पशु स्वास्थ्य और बाजार सुविधाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि शासन स्तर पर इस कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी सप्ताह सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ.बी.वी.आर.सी.पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में योजना को लेकर बैठक भी हुई। कार्यक्रम के लिए गेट्स फाउंडेशन वित्तीय सहयोग देगा,जबकि जीडीआई पार्टनर्स की ओर से परामर्शी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान (एआई), भ्रूण प्रत्यारोपण , पशु आहार एवं पोषण,पशु स्वास्थ्य सेवाओं और दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। बेहतर प्रजनन व्यवस्था के माध्यम से पशुओं की दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

योजना के तहत मिनी फीड मिलों की स्थापना,संतुलित पशु आहार तैयार करने को प्रोत्साहन,पशु स्वास्थ्य सेवाओं तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और सहकारी दुग्ध संग्रहण और प्रसंस्करण नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे दुग्ध उत्पादकों को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।

कार्यक्रम में तकनीक आधारित समाधानों का भी उपयोग किया जाएगा। इनमें पशु स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी, गर्भधारण की जांच के लिए किट और कम लागत वाली कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं शामिल हैं। इन उपायों का उद्देश्य पशुधन संबंधी सेवाओं को किसानों के लिए अधिक सुलभ और प्रभावी बनाना है।

कार्ययोजना के तहत दो लाख से अधिक डेयरी किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का जोर बेहतर प्रजनन,पोषण,पशु स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि करने पर है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story