आठ माह के मासूम के अपहरण, दो महिलाओं को 10-10 का कठाेर कारावास

WhatsApp Channel Join Now
आठ माह के मासूम के अपहरण, दो महिलाओं को 10-10 का कठाेर कारावास


हरिद्वार, 13 अप्रैल (हि.स.)। मासूम बच्चे का मानव तस्करी के लिए अपहरण करने के मामले में चतुर्थ अपर जिला जज आरके श्रीवास्तव ने दो महिलाओं को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों महिलाओं आशा व रूबी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व आठ-आठ हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य के अभाव में पांच लाेगाें को बरी कर दिया है।

शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सैनी ने बताया कि 10 दिसंबर 2022 को ज्वालापुर क्षेत्र में शिकायतकर्ता रविन्द्र का सात माह का पुत्र घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। रविन्द्र की पत्नी ने बताया था कि जब वह कपड़े सुखाने के लिए मकान की छत पर गई थी, तो छत से वापिस लौटने पर खाट पर सो रहा बच्चा गायब मिला था। रविन्द्र की लिखित शिकायत पर ज्वालापुर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। घटना के अगले दिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भारत माता मंदिर,सप्तऋषि के पास से दो महिलाओं रूबी व आशा को गिरफ्तार कर उनके पास से अपहृत बच्चा सकुशल बरामद किया था। शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी ने बरामद बच्चे की पहचान की।

विवेचना के बाद पुलिस ने सात आरोपियों आशा पत्नी मनोज निवासी ग्राम सलेमपुर थाना रानीपुर ,रूबी पत्नी अमित निवासी ग्राम सीतापुर थाना ज्वालापुर , पायल पत्नी संजय शर्मा निवासी थाना श्यामपुर, पायल के पति संजय शर्मा,सुषमा पत्नी वीरेंद्र निवासी ज्वालापुर,किरण पत्नी अनिल चौहान निवासी ज्वालापुर,अनीता पत्नी सोम प्रकाश निवासी ज्वालापुर जिला हरिद्वार के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पुलिस विवेचना में के दौरान सामने आया कि रूबी व आशा ने अन्य के साथ मिलकर बच्चे को चुराकर संजय शर्मा व पायल को बेच दिया था।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Share this story