उत्तराखंड में जल्द बनेगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
देहरादून, 13 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एस4सी) की स्थापना शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य और जनपदों के बीच बेहतर समन्वय तथा साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए इसे जल्द अधिसूचित किया जाए।
सोमवार को यहां सचिवालय में गृह विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर अपराधों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने सभी साइबर पुलिस थानों को सुदृढ़ करने और 1930 साइबर हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉल रिस्पांस समय कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ई-जीरो एफआईआर प्रणाली को मजबूत करने, सभी ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में शत-प्रतिशत परिवर्तित करने और उसे सीसीटीएनएस से एकीकृत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जानकारी के अभाव में अधिकांश साइबर ठगी के पीड़ित समय पर शिकायत दर्ज नहीं करा पाते और मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल का लाभ भी नहीं उठा पाते। उन्होंने पुलिस विभाग को सक्रिय भूमिका निभाते हुए पीड़ितों की सहायता सुनिश्चित करने तथा शिकायत निवारण और धनराशि वापसी मॉड्यूल के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव और ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जाए। साथ ही शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) पर प्राप्त मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की साइबर अपराध संबंधी क्षमता बढ़ाने और साइबर कमांडों की संख्या में वृद्धि करने पर भी जोर दिया।
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, एडीजी डॉ.वी. मुरूगेशन, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह और अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

