विधानसभा गेट पर गन्ना डाल कर कांग्रेस का प्रदर्शन, इकबालपुर मिल के गन्ना किसानों के बकाया पर सरकार को घेरा

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विधानसभा गेट पर गन्ना डाल कर कांग्रेस का प्रदर्शन, इकबालपुर मिल के गन्ना किसानों के बकाया पर सरकार को घेरा


विधानसभा गेट पर गन्ना डाल कर कांग्रेस का प्रदर्शन, इकबालपुर मिल के गन्ना किसानों के बकाया पर सरकार को घेरा


विधानसभा गेट पर गन्ना डाल कर कांग्रेस का प्रदर्शन, इकबालपुर मिल के गन्ना किसानों के बकाया पर सरकार को घेरा


देहरादून, 28 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी में कांग्रेस विधायकों ने किसानों की अनदेखी, महिला आरक्षण और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ मंगलवार को विधानसभा के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया।

मंगलवार को कांग्रेस विधायक रिस्पना क्षेत्र से पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस के झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती आज तमाम कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा के मुख्यद्वार पर पहुंचे। उन्हाेंने वहीं ट्राॅली पर लगे गन्ने काे सड़क पर गिराकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाने के साथ ही महिला आरक्षण के साथ महिला संरक्षण की मांग कर रहे थे।कांग्रेस के झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक जाती ने कहा कि प्रदेश में गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये सरकार पर बकाया है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की चिंता सरकार नहीं कर रही है। इस गंभीर विषय पर चर्चा के लिए सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से बच रही है। उन्होंने इकबालपुर चीनी मिल का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि वर्ष 2018-19 का करीब 110 करोड़ किसानों का बकाया भुगतान अब तक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने पूछा कि इस मामले पर सरकार मौन क्यों है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

अचानक कांग्रेस के इस प्रदर्शन से विधानसभा परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित कर गन्ना को हटाया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश और उत्तराखंड में वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग करती है। उन्होंने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस व्यवस्था को लागू करने पर जोर दिया।

अंकिता भंडारी मामले का भी उठा मुद्दा प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है। कांग्रेस के उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मुद्दे पर सत्र बुलाकर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं का अपमान कर रही है और जनता पर अनावश्यक बोझ डाल रही है।

मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन ने भी महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को उत्तराखंड में इसे प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में आंगनबाड़ी सहित विभिन्न वर्गों की महिलाएं लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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