(अपडेट) राज्यपाल नियुक्ति पर कांग्रेस का विरोध, राजभवन के बाहर दिया धरना

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(अपडेट) राज्यपाल नियुक्ति पर कांग्रेस का विरोध, राजभवन के बाहर दिया धरना


देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर विरोध जताया है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से उनकी नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार करने और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष एवं समयबद्ध केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और प्रदेश सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने संयुक्त रूप से भाजपा नेता की नियुक्ति पर सवाल उठाए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सितंबर 2022 में पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या के बाद से ही मामले में कथित वीआईपी की भूमिका और पहचान को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इस संबंध में अब तक उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से लोगों के मन में संदेह बना हुआ है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी इस मामले को लेकर सार्वजनिक आरोपों और चर्चाओं में सामने आया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने से जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि, गौतम की कथित भूमिका को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध सीबीआई जांच सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने गौतम के संबंध में सामने आए सार्वजनिक आरोपों की जांच कर तथ्यों को सामने लाने तथा उनकी राज्यपाल नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार करने का भी आग्रह किया है।

ज्ञापन में कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों तथा अन्य तथ्यों की समीक्षा कराने, अंकिता के परिजनों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने और साक्ष्यों को प्रभावित करने या तथ्यों को छिपाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उनके अनुसार राजभवन से समय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने का मामला महिला सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और कानून के शासन से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े अनुत्तरित सवालों का जवाब दिया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता एवं उत्तराखंड मीडिया पर्यवेक्षक पंखुड़ी पाठक, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह भी मौजूद रहीं। पत्रकार वार्ता के बाद कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजभवन के बाहर धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
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