भ्रष्टाचार पर चमोली का तंज: पूछा- हरीश रावत ने तब इस्तीफा क्यों नहीं दिया?

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भ्रष्टाचार पर चमोली का तंज: पूछा- हरीश रावत ने तब इस्तीफा क्यों नहीं दिया?


देहरादून, 14 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि सामने आ रहे प्रकरण कांग्रेस के कथित राजनीतिक भ्रष्टाचार की तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से सवाल किया कि यदि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे तो उन्होंने उसी समय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया।

भाजपा मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारवार्ता में चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद नकदी, सोना और विदेशी मुद्रा समेत अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में कथित तौर पर कांग्रेस के पार्टी फंड के लिए रकम जुटाए जाने के दावे भी सामने आ रहे हैं। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि यह रकम किससे और किस उद्देश्य से ली गई थी।

उन्होंने कहा कि यदि बरामद रकम पार्टी फंड के लिए चंदा थी तो कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि किस व्यक्ति ने कितनी राशि दी और उसका हिसाब पार्टी के रिकॉर्ड में कहां है। चमोली ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष से भी इस कथित चंदा व्यवस्था पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

चमोली ने हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन मामलों को लेकर अब कार्रवाई हो रही है, उनकी जांच और आरोपों का सिलसिला नया नहीं है। उनके अनुसार, नियुक्तियों और परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों में तत्कालीन सरकार के स्तर पर जांच भी कराई गई थी। ऐसे में यदि तत्कालीन मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार की जानकारी थी तो उन्होंने उस समय नैतिक जिम्मेदारी क्यों नहीं ली।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है। चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई चुनाव के आधार पर नहीं रोकी जा सकती। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।

भाजपा नेता ने कांग्रेस शासित कर्नाटक का उदाहरण देते हुए वहां भी भ्रष्टाचार के आरोपों और ईडी की कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास करती है, जबकि उसके शासन वाले राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

चमोली ने उत्तराखंड में नकल और भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पेपर लीक और नकल के मामलों में सख्त कार्रवाई की है। उनके अनुसार, 200 से अधिक आरोपितों को जेल भेजा गया और नकल विरोधी कानून बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद करीब 37 हजार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से की गई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को संरक्षण देने के बजाय कार्रवाई करने में विश्वास रखती है। पत्रकार-वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी और संपर्क प्रमुख हरीश चमोली मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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