कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 पर ‘साप्ताहिक मंथन’ आयोजित, खेलों के महत्व पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

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कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 पर ‘साप्ताहिक मंथन’ आयोजित, खेलों के महत्व पर विद्यार्थियों ने रखे विचार


देहरादून, 02 अगस्त (हि.स.)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर के डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एवं निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग योजना के संयुक्त तत्वावधान में ‘साप्ताहिक मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन ‘कॉमनवेल्थ गेम्स-2026’ विषय पर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास, महत्व, भारत की उपलब्धियों तथा खेलों के माध्यम से नेतृत्व, अनुशासन, उत्कृष्टता और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों से परिचित कराना था।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार प्रस्तुत किए। अभिषेक ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास एवं विकास पर प्रकाश डाला। मानसी ने खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों पर विचार व्यक्त किए। सचिन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया। विमल ने राष्ट्र-निर्माण में खेलों की भूमिका पर अपने विचार रखे। दीपक ने खेल भावना, अनुशासन एवं टीमवर्क के महत्व को रेखांकित किया। आश्विन ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से वैश्विक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा युवाओं में सकारात्मक सोच के विकास पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कनिका ने युवाओं में खेल संस्कृति और शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता पर बल दिया।

अंकुल ने भारत में खेलों के बढ़ते अवसरों एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। विपिन ने व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्रीय एकता में खेलों के योगदान को रेखांकित किया, जबकि सौरभ ने युवाओं को उत्कृष्टता, समर्पण और खेल भावना को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर प्रो. एम. एम. सेमवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता के विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे नेतृत्व, आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना तथा सकारात्मक सोच के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे निरंतर अध्ययन के साथ-साथ खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रस्तुतिकरण की सराहना की।

डॉ. आशीष बहुगुणा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का समालोचनात्मक मूल्यांकन करते हुए प्रत्येक वक्ता को उनकी विषय-वस्तु, तथ्यों की सटीकता, प्रस्तुति-कौशल, भाषा-शैली तथा अभिव्यक्ति के संबंध में रचनात्मक सुझाव प्रदान किए।

कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश कुमार सिंह, डॉ. अरविंद रावत, डॉ. मुकेश सहाय, डॉ. शैलेन्द्र चमोला एवं डॉ. वीर सिंह सहित अनेक अभ्यर्थी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा, समावेशिता एवं खेल भावना को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन विपिन द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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