सहकारिता क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, पांच सदस्यीय समिति करेगी अध्ययन

WhatsApp Channel Join Now
सहकारिता क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी, पांच सदस्यीय समिति करेगी अध्ययन


देहरादून, 13 जून (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार ने सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में व्यापक सुधारों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सुधारों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में जिला एवं राज्य सहकारी बैंकों की वेतन संरचना,मानव संसाधन प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति देश के उन राज्यों के सहकारी बैंकिंग मॉडलों का अध्ययन करेगी, जहां उल्लेखनीय सफलता मिली है, और एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

बैठक में सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को कम करने और बकाया ऋणों की प्रभावी वसूली के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की आर्थिक मजबूती के लिए एनपीए नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सहकारिता मंत्री ने उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) की निरंजनपुर स्थित भूमि के व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की और इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंक और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की एक समान पहचान विकसित करने के लिए “एक बैंक-एक रंग” योजना पर भी विचार किया गया। इसके तहत संस्थानों में समान कलर कोड और ड्रेस कोड लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

मंत्री ने प्रस्तावित तीन नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ऊर्जा संरक्षण और खर्च में कमी लाने के उद्देश्य से सभी सहकारी बैंक भवनों और समितियों में चरणबद्ध तरीके से सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों को आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप विकसित करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए ऑनलाइन बैंकिंग,यूपीआई और डिजिटल ट्रांजैक्शन जैसी सुविधाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। साथ ही सहकारी बैंकों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक रोडमैप तैयार कर उन्हें अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

बैठक में डॉ. इकबाल अहमद,पंकज यादव, ईरा उप्रेती सहित विभाग और सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story