उत्तराखंड में उद्योग मित्र समितियों का होगा पुनर्गठन, पर्यटन पंजीकरण भी होगा सरल

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उत्तराखंड में उद्योग मित्र समितियों का होगा पुनर्गठन, पर्यटन पंजीकरण भी होगा सरल


उत्तराखंड में उद्योग मित्र समितियों का होगा पुनर्गठन, पर्यटन पंजीकरण भी होगा सरल


-मुख्यमंत्री ने व्यापारी सम्मेलन में कीं आठ घोषणाएं, आपदा राहत और कारोबार सुगमता पर जोर

हल्द्वानी, 9 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को व्यापारियों के हित में आठ घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। घोषणाओं में आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत, उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन, पर्यटन पंजीकरण प्रक्रिया का सरलीकरण और चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग सुविधाओं का विकास शामिल है।

हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए धामी ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास में भागीदार मानती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र आश्रित समय पर दावा प्रक्रिया पूरी कर सकें।

उन्होंने पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाने और एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने, पर्यटन बहुल क्षेत्रों एवं जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार करने तथा चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित करने की घोषणा की।

धामी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों के विकास के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने व्यापारियों से प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर धामी ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत और सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा और प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा सहित प्रशासनिक अधिकारी तथा व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

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