मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा यात्रा में लिया हिस्सा, प्रदेश वासियों से घरों पर तिरंगा फहराने का आह्वान
देहरादून, 09 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजधानी के गांधी पार्क में आयोजित ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ कार्यक्रम में भाग लिया और प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। इससे पहले उन्होंने घंटाघर स्थित उत्तराखंड आंदोलन के महानायक स्व. इंद्रमणि बडोनी और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा राष्ट्र गौरव का उत्सव है और तिरंगा करोड़ों भारतीयों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर जवानों ने तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी को सदैव प्रतिबद्ध रहना चाहिए। राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में बसी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति और स्वदेशी तकनीक के माध्यम से देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज विभिन्न क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दिखा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल मजबूत हुआ है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने दुनिया को अपनी ताकत का परिचय दिया है। भारत रक्षा क्षेत्र में निर्यातक के रूप में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और प्रदेश की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से विकास का रोडमैप तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की जीएसडीपी में पिछले एक वर्ष में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जबकि प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 1,750 से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून और देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की गई है। मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को ‘नौकरी लेने वाला’ नहीं बल्कि ‘नौकरी देने वाला’ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे और पर्यटन नीति सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली और सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

