खटीमा में धामी और रिजिजू ने किया ‘उत्तराखंड आदि महोत्सव’ का शुभारंभ

WhatsApp Channel Join Now
खटीमा में धामी और रिजिजू ने किया ‘उत्तराखंड आदि महोत्सव’ का शुभारंभ


-15 से अधिक राज्यों के जनजातीय कलाकार, कारीगर और उत्पादक ले रहे हिस्सा

-रोड शो,जनजातीय संस्कृति के रंगों से सजा माहौल

खटीमा (ऊधमसिंह नगर), 04 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को खटीमा में आयोजित ‘उत्तराखंड आदि महोत्सव’ का शुभारंभ किया। 15 से अधिक राज्यों के जनजातीय कलाकार, कारीगर और उत्पादक इस महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं, जहां विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को मंच दिया गया है। इस अवसर पर स्थानीय लोगों और आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों ने दोनों नेताओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

आयोजन में विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया गया है। कलाकार पारंपरिक कला एवं संस्कृति की प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जबकि कारीगर और उत्पादक अपने हस्तनिर्मित और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

महोत्सव में प्रदर्शित उत्पादों के जरिए लोगों को देश के विभिन्न क्षेत्रों की जनजातीय परंपराओं, कला और हस्तशिल्प को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। आयोजन का एक उद्देश्य पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने की संभावनाओं को मजबूत करना भी है, जिससे कारीगरों और उत्पादकों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार उपलब्ध हो सकें।

उत्तराखंड आदि महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत को भी व्यापक मंच मिल रहा है। आयोजन में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जनजातीय कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री धामी और केंद्रीय मंत्री रिजिजू खटीमा चौराहे से मंडी समिति मैदान तक निकाले गए रोड शो में शामिल हुए। रोड शो के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से दोनों नेताओं का स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए जनजातीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।

जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित इस उत्सव में जनजातीय समुदायों की संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, हस्तशिल्प और विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजन के जरिए उत्तराखंड की जनजातीय विरासत को भी व्यापक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

----

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

762276 Articles

Share this story