मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, बोले-नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी

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मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, बोले-नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी


देहरादून, 23 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने नशामुक्त उत्तराखंड की शपथ दिलाते हुए युवाओं से नशे के खिलाफ अभियान में सहभागी बनने के साथ ही उसका नेतृत्व करने का आह्वान किया।

डॉ. बीआर आंबेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड वॉकथॉन’ में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और स्वस्थ एवं सशक्त प्रदेश के निर्माण का संदेश देने वाला अभियान है। ऐसे आयोजनों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में होना चाहिए। नशे की गिरफ्त में आने से उनके सपनों और परिवार की उम्मीदों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने युवाओं से खेल, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और अच्छी संगति और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यस्थलों और खेल मैदानों से हर घर और गांव तक पहुंचाना होगा। नशे की लत से प्रभावित लोगों को परामर्श, उपचार, सही मार्गदर्शन और परिवार का भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जनजागरूकता, नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दे रही है। नशामुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इन सभी प्रयासों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर मिलें और उनकी ऊर्जा प्रदेश और देश के विकास में उपयोग हो।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे आचार, विचार और व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने सभी से ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, डॉ. विकास लोईवाल और ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
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