तीन लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, रिवर्स पलायन में 44 फीसदी वृद्धि : मुख्यमंत्री धामी

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तीन लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, रिवर्स पलायन में 44 फीसदी वृद्धि : मुख्यमंत्री धामी


-लोक विरासत के संरक्षण से ही सुरक्षित रहेगी उत्तराखंड की पहचान : धामी

देहरादून, 31 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश में 'लखपति दीदी' अभियान के तहत तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जबकि पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के रेंजर्स कॉलेज मैदान में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित उत्तराखंड कौथिक-2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति प्रदेश की पहचान ही नहीं,बल्कि उसकी आत्मा भी है। लोकभाषाओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पहाड़ी व्यंजनों और लघु उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं और स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए अपने घर और गांव से दूर न जाना पड़े। इसके लिए 'एक जनपद-दो उत्पाद' और 'हाउस ऑफ हिमालयाज' जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। होम-स्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन और सुगंधित पौधों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 'वेड इन उत्तराखंड', शीतकालीन पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म जैसी पहलों से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों, होटल और होम-स्टे संचालकों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड की लोकभाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाज हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने में उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया की राज्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को 'लीडर' श्रेणी में स्थान मिला है। नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में भी प्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, अखिल गढ़वाल सभा के पदाधिकारी, लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी, लोकगायिका संगीता ढोंडियाल, विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
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