चेक बाउंस मामले में महिला संचालिका को छह माह की सजा, चार लाख से अधिक का जुर्माना

WhatsApp Channel Join Now
चेक बाउंस मामले में महिला संचालिका को छह माह की सजा, चार लाख से अधिक का जुर्माना


हरिद्वार, 24 अक्टूबर (हि.स.)। चेक बाउंस के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार यादव की अदालत ने हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज की संचालिका कुमकुम मित्तल को दोषी करार देते हुए छह माह के कारावास और 4 लाख 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं सह-आरोपित फर्म के प्रोपराइटर मनीष मित्तल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।

मामले में वादिनी मंगल शक्ति इंटरनेशनल, श्यामपुर की प्रोपराइटर प्रभा निरौला हैं। शिकायत के अनुसार उनकी फर्म अगरबत्ती निर्माण का कार्य करती है। कच्चा माल मंगाने के लिए आरोपी कंपनी को अग्रिम के रूप में कुल 3 लाख 64 हजार 435 रुपये के तीन चेक दिए गए थे, जिनका भुगतान आरोपी को प्राप्त हो गया था।

तय समय तक माल न मिलने और बाद में भेजे गए माल में 40 प्रतिशत सामग्री खराब निकलने पर माल वापस कर दिया गया। शेष बची 3 लाख 21 हजार 329 रुपये की धनराशि लौटाने के लिए आरोपी की ओर से एक चेक दिया गया, जो बैंक में लगाने पर ‘फंड अपर्याप्त’ की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया।

भुगतान न मिलने पर वादिनी ने कानूनी नोटिस भेजा, जिसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद न्यायालय में परिवाद दायर किया गया।

सुनवाई के बाद अदालत ने संचालिका कुमकुम मित्तल को दोषी ठहराया।

आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 4 लाख 10 हजार रुपये एक माह के भीतर शिकायतकर्ता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएं, जबकि 11 हजार रुपये राजकोष में जमा किए जाएं। जुर्माना न चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766257 Articles

Share this story