ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में महिला समूह परोस रहे उत्तराखंडी व्यंजन

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ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में महिला समूह परोस रहे उत्तराखंडी व्यंजन


-पहाड़ी पारंपरिक व्यंजनों से यात्रियों को मिल रहा अनूठा अनुभव

देहरादून, 22 अप्रैल (हि. स.)। चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में यात्रियों को इस बार पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का विशेष अनुभव मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत ऋषिकेश नगर निगम की ओर से यहां बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन और निगरानी में संचालित इस व्यवस्था के अंतर्गत स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा यात्रियों को पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन परोसे जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के बीच खासा लोकप्रिय हो रहे हैं।

ट्रांजिट कैंप में उड़द की दाल के पकोड़े, कापली भात, तिल की चटनी, जंगोरे की खीर और मंडवे की रोटी जैसे स्थानीय व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन व्यंजनों के माध्यम से यात्रियों को उत्तराखंड की समृद्ध खाद्य संस्कृति का अनुभव मिल रहा है, साथ ही उन्हें पौष्टिक भोजन भी मिल रहा है।

उपासना जन सेवा स्वायत्त सहकारिता संगठन से जुड़े 12 महिला समूह इस पहल में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनके माध्यम से न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

गणपति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता बंसल के अनुसार, नगर निगम की ओर से स्टॉल उपलब्ध कराए जाने से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिला है।

बिहार से आए यात्री अरुण कुमार ने बताया कि पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद उनके लिए नया और यादगार अनुभव है। उन्होंने इन व्यंजनों को स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बताया।

राज्य सरकार की यह पहल एक ओर जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में यह पहल चारधाम यात्रा के अनुभव को और अधिक समृद्ध बना रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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