चारधाम यात्रा : 16 सुपर जोन में बांटा गया यात्रा क्षेत्र, सात हजार पुलिसकर्मी हाेंगे तैनात
-आईजी राजीव स्वरूप बने नोडल अधिकारी, कंट्रोल रूम से होगी चाैबीस घंटे मॉनिटरिंग
-सीसीटीवी, ड्रोन और एटीएस के जरिए रहेगी कड़ी निगरानी
देहरादून, 10 अप्रैल (हि.स.)। चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया गया है। यात्रा में लगभग 7000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और पूरे यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन में विभाजित किया गया है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प सेंटर, हॉल्टिंग प्वाइंट और आपदा प्रबंधन टीमें भी अलर्ट मोड पर तैनात रहेंगी।
शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में यात्रा मार्गों, धामों एवं संबंधित जनपदों में सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्रा के सुचारू संचालन के लिए लगभग 7000 पुलिसकर्मी 24x7 मुस्तैद रहेंगे। सम्पूर्ण यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जबकि 118 पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण किया गया है।
डीजीपी सेठ ने बताया कि 2 एडीजी और 4 आईजी स्तर के अधिकारी चारों धामों सहित यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। साथ ही गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप को चारधाम यात्रा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। “एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” से 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एटीएस टीमों की तैनाती के साथ मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सीसीटीवी, ड्रोन और हाई-टेक रेडियो कम्युनिकेशन के माध्यम से यात्रा मार्गों और धामों की निगरानी की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र और 48 हॉल्टिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। साथ ही 80 स्थानों पर आपदा टीमें, 37 स्थानों पर एसडीआरएफ, 30 स्थानों पर फायर सर्विस और 32 स्थानों पर जल पुलिस/गोताखोर तैनात रहेंगे।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखने और फर्जी वेबसाइटों व साइबर ठगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे के उपयोग पर निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

