सीमित संसाधनों में बड़ी सफलता, लोहाघाट अस्पताल में जटिल प्रसव सफल

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सीमित संसाधनों में बड़ी सफलता, लोहाघाट अस्पताल में जटिल प्रसव सफल


चम्पावत, 02 सितम्बर (हि.स.)। सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं को लेकर बनी धारणाओं के बीच चम्पावत जिले के उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी और उनकी टीम ने अत्यंत जटिल प्रसव के एक मामले में मां और नवजात दोनों की जान बचाकर न केवल चिकित्सकीय दक्षता का परिचय दिया, बल्कि पर्वतीय क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत किया है।

जानकारी के अनुसार दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से गर्भवती महिला मोनिका को गंभीर अवस्था में उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट लाया गया। चिकित्सकीय जांच में पाया गया कि प्रसव सामान्य नहीं था तथा बच्चेदानी के मुख (सर्विक्स) का खुलाव अत्यंत सीमित था। यह स्थिति मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए जोखिमपूर्ण मानी जाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. मोनिका गिरी के नेतृत्व में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया।

चिकित्सकीय टीम ने लगातार निगरानी, आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन और समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रसव प्रक्रिया को सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद चिकित्सकों की तत्परता और विशेषज्ञता से मां और नवजात दोनों को सुरक्षित रखा गया। वर्तमान में दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और बेहतर टीमवर्क के कारण जटिल मामलों का भी सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

महिला के परिजनों ने भी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार से मां और बच्चे दोनों की जान बच सकी। उन्होंने अस्पताल की पूरी टीम की सराहना की।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जटिल प्रसव के मामलों में समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप और प्रशिक्षित टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी समर्पित चिकित्सकों और बेहतर प्रबंधन के बल पर उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

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