नेपाल सीमा के डुंगराबोरा में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद
चम्पावत, 06 अगस्त (हि.स.)। भारत-नेपाल सीमा से लगे जनपद चम्पावत के सीमांत और दुर्गम क्षेत्र डुंगराबोरा में गुरुवार को जिला प्रशासन की ओर से बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। विकासखंड लोहाघाट के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुंगराबोरा में आयोजित शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने की।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही विभिन्न सेवाएं और लाभ उपलब्ध कराए गए। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में करीब 250 लाभार्थियों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और पात्रता के अनुसार लाभ भी उठाया।
शिविर के दौरान कुल 45 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इसके अलावा 12 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन भरवाए गए, जबकि 30 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया गया।
दूरस्थ और सीमांत क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन ने विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, उनका समाधान किया और उन्हें विभिन्न योजनाओं की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नियमित रूप से जनसेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
शिविर में आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रसाद, फार्मासिस्ट रमेश सिंह, योग अनुदेशक मनोज शर्मा, जिला पंचायत सदस्य पुष्कर राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्कर राम, ग्राम प्रधान श्रीमती गुड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

