चंपावत में बैंकों के ऋण वितरण की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज
चंपावत, 28 अक्टूबर (हि.स.)। चंपावत जिले में सरकारी ऋण योजनाओं की प्रगति और बैंकों के ऋण वितरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वाले बैंकों पर नाराजगी जताई। उन्होंने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम स्वनिधि योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा।
बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। इसमें बैंकों के ऋण वितरण, कृषि एवं संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, ऋण वसूली, एनपीए और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की गतिविधियों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी ऋण योजनाओं का उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार और आय के साधनों से जोड़ना है। इसके लिए बैंकों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा, ताकि पात्र लोगों को समय पर ऋण मिल सके। उन्होंने कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में ऋण वितरण बढ़ाने पर भी जोर दिया।
पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पथ विक्रेताओं के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं। पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण मिलने से उन्हें कारोबार चलाने और उसका विस्तार करने में मदद मिलेगी।
बैठक में ऋण वसूली और एनपीए की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने रिकवरी में सुधार लाने के साथ वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं और समय पर कर्ज चुकाने की जानकारी मिल सके। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की गतिविधियों और महिला गिग वर्करों से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, डीएफओ धिनो पुरुषोत्तम, लीड बैंक मैनेजर विजय दत्त जोशी, नाबार्ड की स्वाति कार्की, मुख्य कृषि अधिकारी डी. कुमार, डेयरी प्रबंधक जीएस राणा, जिला पर्यटन अधिकारी शानू प्रकाश सहित विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

