हरिद्वार कुटुंब न्यायालय में फाइल चोरी
हरिद्वार, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हरिद्वार के प्रधान कुटुंब न्यायालय में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक खुद को महिला अधिवक्ता का जूनियर बताकर अपने ही मुकदमे की पत्रावली लेकर फरार हो गया। आरोप है कि युवक ने निरीक्षण के बहाने कोर्ट स्टाफ से फाइल हासिल की और उसके मूल दस्तावेज निकालकर खाली कवर छोड़ दिया। घटना 13 अक्टूबर की बताई जा रही है। शिकायत पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
सिडकुल थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, न्यायालय में तैनात आदेशिका वाहक धर्मवीर सिंह ने बताया कि इसरार नाम का युवक अदालत पहुंचा और खुद को अधिवक्ता अलविना का जूनियर बताया। उसने रेशमा बनाम इसरार मामले की पत्रावली का निरीक्षण करने की बात कही। इस पर कोर्ट स्टाफ ने भरोसा करते हुए उसे फाइल दे दी।
आरोप है कि युवक ने फाइल का खाली कवर मेज पर छोड़ दिया और उसके भीतर रखे मूल दस्तावेज लेकर वहां से चला गया। कुछ समय बाद स्टाफ ने पत्रावली की जांच की तो उसमें केवल खाली कवर मिला। इसके बाद युवक की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। महिला अधिवक्ता अलविना से संपर्क करने पर उन्होंने भी इसरार नाम के किसी जूनियर के होने की जानकारी से इनकार किया।
सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि न्यायालय की शिकायत के आधार पर इसरार के खिलाफ सरकारी दस्तावेज चोरी करने और न्यायालय की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।
पति-पत्नी के बीच चल रहा है विवाद
बताया गया कि गायब हुई पत्रावली रेशमा बनाम इसरार के नाम से दर्ज है। रेशमा और इसरार के बीच पारिवारिक विवाद का मामला प्रधान कुटुंब न्यायालय में विचाराधीन है। रेशमा ने पूर्व में अपने पति पर तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसरार लक्सर तहसील के पथरी थाना क्षेत्र स्थित मुस्तफाबाद का निवासी बताया गया है।
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या युवक ने अपने ही मुकदमे से जुड़े दस्तावेज गायब करने की कोशिश की। हालांकि, फाइल ले जाने के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

