2027 में फिर कमल खिलाने को पार्टी के सभी मोर्चे बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाएं : महेंद्र भट्ट

WhatsApp Channel Join Now
2027 में फिर कमल खिलाने को पार्टी के सभी मोर्चे बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाएं : महेंद्र भट्ट


- भाजपा मोर्चों की संयुक्त बैठक में संगठन विस्तार, मतदाता सूची पुनरीक्षण और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

देहरादून, 22 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भटृ ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कमल खिलाने में पार्टी के सभी मोर्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने पदाधिकारियों से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करते हुए सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

सोमवार को आयोजित भाजपा मोर्चों की संयुक्त बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए चुनावी तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत और युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर जनता का अटूट विश्वास है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता सरकार के कार्यों और उपलब्धियों पर लगातार अपनी मुहर लगा रही है तथा 2027 में भी भाजपा को समर्थन देने का मन बना चुकी है। हालांकि उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि इस विश्वास से संतुष्ट होकर बैठने के बजाय अधिक से अधिक जनसमर्थन प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष ने मोर्चों के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मंडल और बूथ स्तर तक संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करें और विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाएं।

बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भट्ट ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए त्रुटिहीन मतदाता सूची आवश्यक है। उन्होंने पदाधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सरकार बनाने का निर्णय केवल राज्य की जनता ही करेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story