दिल्ली में कांग्रेस की रैली पर भाजपा का हमला, 1984 के सिख दंगों की याद दिलाई

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दिल्ली में कांग्रेस की रैली पर भाजपा का हमला, 1984 के सिख दंगों की याद दिलाई


-भट्ट बोले- त्योहारी सीजन में आर्थिक गतिविधियां बाधित करने और अराजकता फैलाने की कोशिश

-हरक सिंह रावत के रिश्तेदारों पर जमीन कब्जाने की शिकायत की जांच का इंतजार

देहरादून, 01 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को लेकर पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह आयोजन 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने और त्योहारी सीजन में देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की रैली का उद्देश्य जनता को गुमराह करना और अराजकता फैलाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष को ऐसे आयोजनों के दौरान हिंदू त्योहारों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंता नहीं है। उनके अनुसार, दिल्ली से संचालित उत्तर भारत के थोक बाजारों को बाधित करने से त्योहारी कारोबार प्रभावित हो सकता है।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पिछले 15 वर्षों से जनता को अपनी बात समझाने में विफल रही है और संसद में हंगामा करने को अपना अधिकार समझती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भ्रम और अफवाहों को अपनी राजनीति का हिस्सा बना रही है। रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट बचाओ' रैली को उन्होंने एक-दूसरे को बचाने की कोशिश करार दिया।

उन्होंने 1984 के सिख दंगों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर उस समय सिखों के नरसंहार में शामिल होने के आरोप लगे थे, वही पार्टी आज इस रैली का नेतृत्व कर रही है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के संबंधियों पर जमीन कब्जाने की शिकायत के सवाल पर भट्ट ने कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को अपनी शिकायत दर्ज कराने और प्रशासन से जांच कराने का अधिकार है। शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज करना प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार करना चाहिए और जांच के तथ्य जल्द सामने आने चाहिए।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि यदि इतने वरिष्ठ नेता का नाम किसी जमीन कब्जाने के मामले में सामने आता है तो यह चिंता का विषय है। यदि आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो हरक सिंह रावत को जांच से डरने की जरूरत नहीं है।

जेनी प्रकरण को लेकर हरक सिंह रावत की सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला कांग्रेस शासनकाल का है। उस समय जो कुछ हुआ, उसके तथ्य अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुए, यह सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन यदि जेनी ने उस समय आरोप लगाए थे तो उनसे जुड़े तथ्य सार्वजनिक होने चाहिए। कालीन के नीचे दबा सच सामने आना ही चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
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