विद्यालय परिसर में बीईओ कार्यालय संचालित होने पर बाल संरक्षण आयोग सख्त, अधिकारियों को तलब
हरिद्वार, 26 मार्च (हि.स.)। बच्चों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तलब किया है। आयोग ने नारसन के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) को 28 मार्च को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारसन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय पिछले कई वर्षों से एक विद्यालय परिसर में संचालित हो रहा है। आरोप है कि विद्यालय में हाल ही में निर्मित नए भवन के एक कक्ष पर बीईओ कार्यालय के लिपिकों द्वारा कब्जा कर लिया गया है, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रों के उपयोग में आने वाले स्थान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बताया गया है कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने इस संबंध में बाल संरक्षण आयोग को शिकायत प्रेषित की थी। शिकायत में कहा गया कि कक्ष पर कार्यालय का कब्जा होने के कारण पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
आरोप यह भी है कि शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार तथा खंड शिक्षा अधिकारी, नारसन को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग के समक्ष अब संबंधित अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि बच्चों की शिकायत के बावजूद अब तक आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आयोग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल देखी जा रही है।) तथा हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) को 28 मार्च को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारसन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय पिछले कई वर्षों से एक विद्यालय परिसर में संचालित हो रहा है। आरोप है कि विद्यालय में हाल ही में निर्मित नए भवन के एक कक्ष पर बीईओ कार्यालय के लिपिकों द्वारा कब्जा कर लिया गया है, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रों के उपयोग में आने वाले स्थान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बताया गया है कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने इस संबंध में बाल संरक्षण आयोग को शिकायत प्रेषित की थी। शिकायत में कहा गया कि कक्ष पर कार्यालय का कब्जा होने के कारण पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
आरोप यह भी है कि शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार तथा खंड शिक्षा अधिकारी, नारसन को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग के समक्ष अब संबंधित अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि बच्चों की शिकायत के बावजूद अब तक आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आयोग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल देखी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

