हाईवे निर्माण के बीच 23 गांवों के ग्रामीणों को बड़ी राहत, जमीन की खरीद-फरोख्त से हटी रोक
हरिद्वार, 30 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334ए पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार के चौड़ीकरण एवं निर्माण को लेकर हरिद्वार जिले के 23 गांवों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित जमीन को छोड़कर शेष भूमि पर खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी है।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, इससे पहले सात जुलाई 2026 को तहसील हरिद्वार और लक्सर क्षेत्र के 23 गांवों की भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री-बैनामा और भूमि की प्रकृति में बदलाव पर रोक लगाई गई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के मद्देनजर यह कदम उठाया गया था। अधिग्रहण के लिए चिह्नित भूमि के संबंध में धारा-3ए की गजट अधिसूचना भी प्रकाशित की गई थी।
अधिग्रहित जमीन पर जारी रहेगी रोक
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग, देहरादून के अधिशासी अभियंता ने 21 अक्टूबर को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर 23 गांवों में शेष भूमि पर लगी रोक हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया था। पत्र में कहा गया कि इससे राजस्व की हानि रोकने के साथ भू-स्वामियों को भी लाभ मिल सकेगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि जिन खसरा नंबरों का धारा-3ए के तहत गजट प्रकाशन हो चुका है और जिन्हें प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए चिह्नित किया गया है, उन्हें छोड़कर बाकी खसरा नंबरों पर लगी रोक हटा दी गई है।
जमीन की रजिस्ट्री और बैनामे का रास्ता साफ
रोक हटने के बाद गैर-अधिग्रहण वाली भूमि के स्वामी नियमानुसार जमीन की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री-बैनामा करा सकेंगे। भूमि की प्रकृति में परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रियाएं भी नियमानुसार पूरी की जा सकेंगी। प्रशासन के इस फैसले से उन भू-स्वामियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी जमीन हाईवे चौड़ीकरण की प्रस्तावित अधिग्रहण सीमा में शामिल नहीं है। लंबे समय से भूमि संबंधी लेन-देन पर रोक के कारण परेशान ग्रामीणों के लिए यह निर्णय राहत भरा माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

